Thursday, March 7, 2013

मत्स्यगंधा

http://ceciliawyu.files.wordpress.com/2012/05/c-elinros-henriksdotter-art.jpg?w=547&h=790
जिस्म क्या है, रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए
आप भी इस भीड़ में घुसकर तमाशा देखिए...

बदल सकती है, जो इस मौसम का मिजाज़
उस जवान चेहरे की हताशा देखिए...

जल रहा है मुल्क, ये बहला रही है क़ौम को
किस क़दर अश्लील है हुक्मरानों की भाषा देखिए...

मत्स्यगंधा फिर कोई होगी किसी का शिकार
दूर तक फैला हुआ गहरा कुहासा देखिए...

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